Wednesday, January 27, 2016

याकुब मेमन की फाँसी रुकवाने के लिए जिन चालीस लोगो ने राष्ट्रपति को चिठ्ठी लिखी है..उनके नाम..!!

~क्या??? बाबा साहेब को पढ़ना अब राष्ट्रविरोधी गतिविधी हो गया है~
याकुब मेमन की फाँसी रुकवाने के लिए जिन
चालीस लोगो ने राष्ट्रपति को चिठ्ठी लिखी है..उनके नाम..!!
01- वृंदा_करात
02- प्रकाश_करात
03- शत्रुघ्न_सिन्हा
04- राम_जेठमलानी
05- महेश_भट्ट
06- शाहरुख_खान
07- अमिर_खान
08- सैफ_खान
09- नसीरुद्दीन_शाह
10- सलमान_खान
11- अरविंद_केजरीवाल
12- तिस्ता_सितलवाड
13- दिग्विजय_सिंह
14- लालू_यादव
15- नितीश_कुमार
16- अबु_आजमी
17- प्रशांत_भुषण
18- अससुद्दीन_ओवैसी
19- अखिलेश_यादव
20- आजम_खान
21- सचीन_पायलट
22- राहुल_राय
23- जनरैल_सिंहद
24- अलका_लांबा
25- आशुतोष
26- सागरिका_घोष
27- करिना_खान
28- सानिया_मिर्जा
29- अकबरूद्दिन_ओवैसी
30- शाजीया_इल्मी
31- अहमद_बुखारी
32- अभय_दुबे
33- रविश_कुमार
34- पुण्य_प्रसुन_बाजपेयी
35- ममता_बॅनर्जी
36- सिद्धारमैया
37-आशीष_खेतान
38- अग्निवेश
39- संजय सिंह
40- शकील_अहमद
सिर्फ फांसी का विरोध जताया- रोहित वेमुला और सभी अम्बेडकरवादी साथी
ताज्जुब है कि दत्तात्रेय बंडारू, स्मृति ईरानी और बाकी संघीयों को सिर्फ रोहित वेमुला और साथ में निष्काषित किये गए चार लोग ही राष्ट्र विरोधी लगे।
असल कारण ये है इन 40 लोगो में से कोई भी बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की विचारधारा पर चलने वाले और लोगो को बाबा साहेब के विचारो के प्रति जागरूक करने वाले नहीं रहे है।
बाबा साहेब को पढ़ना और उनके विचारो को लोगो तक पहुँचाना अब राष्ट्रद्रोह है? क्योंकि RSS की विचारधारा का सच मनुस्मृति और ब्राह्मणवाद पर आधारित हिन्दुवाद है। बाबा साहेब ने इसी ब्राह्मणवादी हिन्दुवाद से सावधान होने को कहा था।
अभी तक जिन्होंने बाबा साहेब को नहीं पढ़ा है, वो बाबा साहेब की किताबो और भाषणों को अवश्य पढ़े और अपने लोगो को पढ़ायें। जो अशिक्षित है, उन्हें बाबा साहेब की किताबो को पढ़ कर सुनाये।
लोगो को जागरूक करने के लिए इतना काफी है। बाबा साहेब की इन किताबो में वो शक्ति है, जिसकी वजह से महाराष्ट्र सरकार और बीजेपी RSS इतनी डर गई है कि इन संघीयों ने इन किताबो के प्रकाशन पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। (क्योंकि इन किताबो के कॉपी राइट्स सरकार के पास ही है)
आप समझ सकते है ऐसा क्या है इन पुस्तको में कि ब्राह्मणवाद की जड़े हिल गई है।

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