***** हर चमार महापंडित है सूर्यवंशी है *****
आप सभी साथी इस पर अपनी
प्रतिक्रिया दे
हजारो वर्षो पहले एशिया महाद्वीप में एक राजवंश रहा करता
था जिसे हम इक्ष्वाकु राजवंश या सूर्यवंशी क्षत्रिय कहते थे
।
इस इक्ष्वाकु राजवंश से सब घबराते थे इसी वंश में भगवान
गौतम बुद्ध , अशोक सम्राट , चन्द्रगुप्त मौर्य जैसे महान सम्राट पैदा हुए
थे ।
लेकिन आज कल कुछ हिंदूवादी इस परिवार का हिन्दुकरण करना
चाहते हैं। जब की सच्चाई ये है की इक्ष्वाकु
राजवंश चमारो का वंश है। चमार ही सूर्यवंशी
क्षत्रिय है । और बुद्ध के वंशज हैं आइये प्रमाणित करे कैसे ।
1- बौद्ध लोग जीव हिंसा से विरत रहते थे लेकिन मांस खाते थे
अर्थात वो किसी भी जीव को काट कर
कुर्बानी दे कर या बली देकर मांस नही
खाते थे । बल्कि भारतीय बुद्धिस्ट सिर्फ मरे हुए जानवर का
माँस खाते थे जिस में की जीव होता ही
नही था । इस प्रकार जीव हत्या
नही करते थे । और पुरे भारत में ऐसा करने वाली
सिर्फ एक जाती थी वो है चमार आप बुजुर्गो से पता
कर सकते हैं ।
2- पुरे भारत में जनश्रुतियो और लोक कथाओ में चमार को ब्राह्मण बड़ा भाई
बताता है क्यों की ब्राह्मण हिन्दू धर्म का मुखिया है तो चमार
बौद्ध धर्म का मुखिया है इसीलिए चमारो की
शादी में पंडित नही बुलाया जाता ।
3- रामायण में और कुमारिल भट्ट की किताबो में बुद्ध को शुद्र
लिखा गया है और रिअल में भी चमार को ही मुख्य
शुद्र माना गया है ।अन्य जातिया कभी निशाने पर
नही रही।
4- समस्त जातियों में सिर्फ चमार जाती ही
ऐसी है जो गरीब होने के बावजूद
अपनी आन - शान पे मर मिटती है और इस
जाती में आज भी राजशी गुण झलकते
हैं ।
5-चमारो का घर गाँव के बाहर अक्सर होता है क्यों की चमार
गाँव के राजा होते थे इनको ही गाँवों में डीह बाबा
कहा जाता है।
6- चमार जाती से बौद्ध धर्म छिनने के बाद उसे धर्म
विहीन कर दिया गया था और अछूत इस लिए बना दिया गया
की यह जाती फिर कही से बौद्ध
धम्म न खड़ा कर पाए ।
7- चमार जाती की शिक्षा पर रोक इसी
लिए लगाई गई थी की वह अनपढ़ रहेगा तो खुद
को चमार अछूत समझेगा कभी यह नही जान पायेगा
की चमार एक राजशाही खून है । इस लिए चमारों
की शिक्षा पर रोक लगाई गई थी की
चमार शिक्षा पायेगा तो फिर से बौद्ध धम्म खड़ा कर देगा ।
8 - चमार खूद को इसीलिए चमार कहलाना पसंद
नही करते क्यों की चमार इन का नाम है
ही नही इनका नाम तो सूर्यवंशी
क्षत्रिय था । इसीलिए चमार आज भी खुद को चमार
कहने पर भडक जाते हैं । और लड़ाईया हो जाती है ।
9- ब्राह्मणो में जीस तरह शुक्ल शर्मा आदि समर्थक जातियाँ
हैं चमारो की भी समर्थक जातियाँ थी
जैसे की - कोरी चमार , नोनिया चमार ,
तांती चमार , दुसाध चमार , पासी चमार आदि लेकिन
चमारो की सत्ता विलुप्त होने के बाद इन सब में फुट
पड़ती गई ।
10- चन्द्रगुप्त मौर्य भी चमार थे लेकिन गोरे और सुन्दर थे
जब की चाणक्य ब्राह्मण था और काला इसी लिए
कहावत बन गई की -
"काला बाभन गोरा चमार
दुई जात से सदा होशियार !"
11- जो भी जातिया आर्य नही थी वो
चमार कहलाती थी और ऐसा आज भी
है चाहे मौर्या हो या नोनिया या दुशाध या अन्य शुद्र ब्रह्मण सब को चमार
ही कहता है।
ये सारी बाते जो ऊपर लिखी गई हैं ये वर्मा और
तिब्बत के बौद्ध ग्रंथि में इसका प्रमाण है और अधिक जानकारी
हेतु आप बाबा साहब की लिखी किताब WHO
WAS SHUDRAS (शुद्र कौन थे ?) से
पढ़ सकते हैं।
अत: हर चमार से अनुरोध है की इस मैसेज को
किसी अगले चमार बौद्ध भाई के पास जरुर भेजे ताकि उसको
भी यह पता चला की उस का खून भेड़-बकरियों का
नही है बल्कि हर चमार महापंडित है सूर्यवंशी
है ।
जय भीम । जय भारत ।।
Brijesh argal
( bhim gruop gwalior ) 🙏
मैं आपकी इस बात से पूर्ण सहमत हूँ की चमार जाति बुद्ध धर्म की अनुयायी थी. चमारो का कॉमन सेंस अन्य जातियो से बहुत अच्छा होता है और भारत की आजादी के इन साथ सालो में ही अपनी विद्वता और योग्यता के बल पर चमारों ने जो तरक्की की है वो अन्य जातियों की तुलना में बहुत आगे है.
ReplyDeleteBEST CLICK CHAMAR JAATI REAL INFO.== >>> चमार जाति का इतिहास जाटव समाज गोत्र chamar caste bollywood jatav difference population
Deleteतुलसीदास का साहित्यिक परिचय about tulsidas ke dohe biography
Chamar Hindu ho they aur rahenge
DeleteJyada jnakari ke liye link pe Jake padhe kaise dhoke see unka dharm parivartan Kiya gaya
https://youtu.be/nfBHiVCJaKg
Tu kya sehmat hoga. Chamro ki yhi pehchaan h kisi or ki jti ko vhurana sale chor. Bhagwanbudhh shakya vns ke the ashok samrat shakya mourya vans se the. Kshatriya the budhh. Tum logo ko bilkul sarm ni ati kisi ki jaati ko churane m kuch bhi bol dete h itihas pda kro thoda budhh shakyavansi Kshatriya the tum dalit ho ओर कोइ गलत पोस्ट मत करना .पोस्ट करो तो उसका प्रूफ़ देना पड़ेगा.
Deletetum proof do ki arya bhart k nhi the
Delete21 may 2001 ka TOI Akhbaar padh lo internet par search karke... 😂
Deleteसही कहा भाई चमार जितना बुद्धिमान ओर ताकतवर कोई भी नहीं हैं। हम सब को अलग करने वाले बड़ी जात जो वास्तव में छोटी है । वो है और मुस्लिम भी आते हैं। जिनोहने भारत पर जिस जगह हुकूमत की जिनोहने उनका इस्लाम और तलबे चाटे उन्हे उनके राज महल मैं ऊंचा दर्जा मिला । ओर जिसने ये सब नही किया और नही झुके उन्हें उस राज्य से निकाल दिया गया।
Deleteजिसे झुकाया नहीं जा सकता उसे निकाला कैसे जा सकता है यह बात कुछ समझ नहीं आई की जबरदस्ती ठप्पा लगा रहे हो😁😁😁😁😁😁😁😁
DeleteRight
DeleteSale aise blog spot kitne bna ke chod chuka hu tum सुरवंशी bas aise hi ho sakte ho ki tumhari Amma ko suryavanshi kshatriyo ne haweli pe pela to tum unki najayaj aulad ho gaye😂😂 tabhi Aaj kal sab thakur banne chale ho chammate salo
Delete🤣🤣🤣
Deleteसुन बेटे जिस दिन आमना सामना हो जायेगा न उस दिन तेरी पैंट गिली हो जायेगी जिस जाति को तू गाली दे रहा है न तेरी बहन को बा इज्जत बहू अपने घर लाया हूँ प्रशासन घर पहुंच चलाया है,आ जाना पता लगाने गाजीपुर उत्तर प्रदेश
DeleteMay be these are true. I wont comment. But as per mauryaji jo tarakki unhone ki hai wo budhi par nahi balki reservation ke dam par ki hai.mai ye nahi kehta ki unme talent nhi hai. But Agar unme talent hai to bina reservation ke tarakki kar ke dikhao.
ReplyDeleterajputji hum bina reservation ke tarakki karane ki jigara rajhate hai magar aap se gujarish hi varshon se aap log jo jamim 100 bigha 50 bigha hathia ke rakhe hai app sabhi garibo ko barabar barabar bant do sambidhan ke samanata ke adhikar ke anushar hum reservation chhod denge ur general ki compation se koi parhej nahi jai bhim jai mul niwasi
DeleteMritunjay ji aap kahe to apna dimaag bhi brabar brabar baant de
DeleteSmvidhan me smanta ka pravdhan hai.
Dimag sabko brabar hi diya he chlate ana chiye
Delete70 साल पहले एक दलित ने टेलेंट दिखाया था और उसी से देश चल रहा है
DeleteReservation खत्म कर दो पर जाती प्रथा भी खत्म होना चाहिए।
DeleteTu bda मेहनत किया हैं मनुस्मृति लिख कर।तेरा मेहनत का ek ही फल हैं दलितों को दबाना।
DeleteJisme jatiyon ka Aarakshan Diya jata hai usse bhi shudra samjhaye jati pratha khatam kiya jaaye
DeleteAgar tumhe himmat Or shrm hai ro bina jmino ke bolkr dikhao
DeleteAarakshan pr ungli uthate ho apni jminonpr nhi
Agar tumhe himmat Or shrm hai ro bina jmino ke bolkr dikhao
DeleteAarakshan pr ungli uthate ho apni jminonpr nhi
एकदम सही पकड़े हैं भैया इन लोगों के ऐसे समझ में नहीं आया
DeleteJis mahoul me ham rahe tum jaise kutte to ek din bhi jivit nah rah sakte manuvadi
Deleteबेटा सबसे ज्यादा मुस्लिम जीजा झाटपूतो के ही बनें थे उस समय और रही बात साहस और हिम्मत की तो जिस ज़ुल्म से हम लोग गुजरे हैं उससे गुजरने की अवकात नही थी बहुत बड़े काबिल थे तो कहे नहीं 500 साल मुस्लिम और 200 साल अंग्रेज राज की कुछ उखाड़ पाए bc 😡😡😡
DeleteBete to sun baat ye hai ki manu baba ne 4 jati banai thi unme se shkatriya jati ke logo ko 21baar parshu ram ji ne dharti se khatam kar diya tha tha to tumhari maaon ne brahmano se maar wa kar tumhe shkatriya bana diya nhi viswash to Google per search karlo by proof dogle bosdi wale
DeleteHumari kahani sunni hoto padh lena bhima koreganv
Jai bheem ✍️ namo budhay 💙
Right 👍👍👍
Deleteतुझे पढ़ने की जरूरत ज्यादा है क्यों कि सब जानते है गद्दार नमक हराम किसे कहते है
Deleteपेशवाओं की सेना में नौकरी कर के जो पलते थे पेशवाओं का नमक खाया पर जब लड़ाई का वक्त आया तो अंग्रेजो की २५, ३० तोप देखकर मौत के डर से पेशवाओं का साथ छोड़कर ५०० महार सैनिक अंग्रेजो की सेना में जा मिले और पेशवाओं से लड़े
वो २००० हजार की पेशवाई सेना में से ५०० महार सैनिक अंग्रेजो की सेना में जा मिले
बाजीराव द्वितीय के नेतृत्व में २८ हजार मराठों को पुणे पर आक्रमण करना था। रास्ते में उनका सामना ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी की सैन्य शक्ति को मजबूत करने पुणे जा रही एक ८०० सैनिकों की टुकड़ी से हो गया।
पेशवा
ने कोरेगाँव में तैनात इस कंपनी बल पर हमला करने के लिए २ हजार सैनिक भेजे
कप्तान फ्रांसिस स्टौण्टन के नेतृत्व में कंपनी के सैनिक लगभग १२ घंटे तक डटे रहे। अन्ततः जनरल जोसेफ स्मिथ की अगुवाई में एक बड़ी ब्रिटिश सेना के आगमन की संभावना के कारण मराठा सैन्यदल पीछे हट गए। भारतीय मूल के कंपनी सैनिकों में मुख्य रूप से बॉम्बे नेटिव इन्फैंट्री से संबंधित महार रेजिमेंट के करीब 500 महार सैनिक शामिल थे,
पर उन महारो को मिला क्या वह लड़ाई ब्रिटिश सेना और पेशवाओं की लड़ाई थी
यही गद्दारी है भीमा कोरेगांव
और इतिहास पढ़ लेना
May be these are true. I wont comment. But as per mauryaji jo tarakki unhone ki hai wo budhi par nahi balki reservation ke dam par ki hai.mai ye nahi kehta ki unme talent nhi hai. But Agar unme talent hai to bina reservation ke tarakki kar ke dikhao.
ReplyDeleteJAATI REAL INFO.== >>> चमार जाति का इतिहास जाटव समाज गोत्र chamar caste bollywood jatav difference population
Deleteतुलसीदास का साहित्यिक परिचय about tulsidas ke dohe biography
दिखाये तो थे ,बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जो मनुवादी अभी तक पचा नही पा रहे है।
DeleteAmdedkar to dalla tha angrejo ka, jo harami apne ma-baap ka na hua, wo sala kya savidhan likhega, sala jab hindu dharm chhod kar bodh ban gya aarkshan ki sifarish apne baap ke liye ki....
DeleteAbe o Randi k bachhe Bsdk samne akar bol Teri maa ki chut sale pta pti kha se AA Gaye Hmare desh me Atankwadi mere lwde par Beth jaa pandit
DeleteSaale saamne aa teri aukaat pata chal jaegi tujhy..kuch karne laayak nh hai tabhi mahapurush ko apshabd bol raha hai himmat hai to apni pehchaan khol
Deleteतेरा बाप अंबेडकर किसने भेजा था विदेश पढ़ाने के लिए पहले यह जान तो ले साले एक राजपूत ही ने भेजा था तरस खाकर उसमें तो बाल कटवाने के लिए पैसे तक नहीं थे
DeleteTere baap ne diya tha kya be chale aaye sale savidhan sikhane
DeleteKyu Dena padaa ye bhe socho arakshana bhe Singh ne hi manjur Kia tha
DeleteJodha Akbar dekha hai
DeleteRajputji aap apna itihas padho, aakramankari Hun kaun the? Banch of thoughts by Golwalkar(Ex RSS chief) page 132.
ReplyDeleteRajputji aap apna itihas padho, aakramankari Hun kaun the? Banch of thoughts by Golwalkar(Ex RSS chief) page 132.
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
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ReplyDelete। सम्राट चँवरकाल में आर्यों ने सम्राट चँवर से शरण माँगी थी । अपने मूँह से दिये गये वचनों की प्रतिबद्धता आज भी चमार जाति की पहचान है । सम्राट चँवर भी अपनी बचनबद्धता के आगे विवश थे । बस इसी बात का लाभ उठाकर आर्यों ने भिक्षाटन के बहाने सम्पूर्ण जम्बुद्वीप का भ्रमण किया । सम्पूर्ण जम्बुद्वीप का भ्रमण करके आर्यों ने जम्बु वासियों की काले रंग की शारीरिक कमजोरी पायी । काले रंग की इस शारीरिक कमजोरी के आधार पर ही आर्यों ने सम्राट चँवर के समक्ष यह प्रस्ताव रखा कि यदि आप या कोई जम्बुवासी हमारी स्वर्णवर्णी आर्य सुन्दरियों से विवाह कर ले तो उसकी भविष्यागामी सन्तानों के शारीरिँक रंगो मेँ सुधार हो जायेगा । आर्यों का यह प्रस्ताव आँनुवांशिकी सिद्धान्त के आधार पर पूर्णतः वैज्ञानिक था । जो सम्राट चँवर को अच्छा लगा और उन्होंने आर्यों के इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी । फिर क्या था आर्यों ने सम्राट चँवर के समक्ष अपनी तीन शर्तें रख दी ।
ReplyDelete1- जो भी जम्बुवासी आर्य युवति से विवाह करेगा वह विवाह से पूर्व ही अपनी कुल सम्पत्ती का बीँसवाँ भाग आर्य समुदाय को दान करेगा ।
2- प्रत्येक आर्ययुवति केवल स्वयंवर के माध्यम से ही जम्बुवासी पुरूष से विवाह करेगी स्वयंवर की शर्ते अलग से होंगी ।
3- आर्यनारि से उत्पन्न बड़ा पुत्र ही अपने पिता की कुल चल-अचल सम्पत्ती का एकमात्र उत्तराधिकारी होगा ।
सम्राट चँवर ने आर्यों की इन तीनों शर्तों के पीछे छिपे षड्यन्त्रों को बिना समझे ही स्वाकार लिया बस यहीं से चँवर साम्राज का पतन होना आरम्भ हो गया था ।
यदि आप आर्यों की उक्त तीनों शर्तों के पीछे छुपे षड्यन्त्रों को पूर्णतः समझ गये हों तो कृपया बताईऐ कि वे षड्यन्त्र क्या-क्या थे और उनके क्या-क्या दुष्परिणाम निकले ?
Nice
DeleteEtne mahan they to jute banane ka kaam kynu karte they aur chamarno ke pash jagh jameen nahe the krishi karne ke liye wo jamindaro ke gulam they everybody knows unhe land indrGhandhi ne dilwae the....
ReplyDeleteBefore vedic history they were ruler but as arya hun khas attacked india they become inferior and other caste become.king and they slave
And then British ruled india and all Indian caste become slaves of them
And after independence high caste gain control over land and lower caste become more poor and then reservation given to them for upliftment
Aur raja chanvar ka word chamar ke sath fake connection kynu create kar rahe hoo.
ReplyDeleteChamar ka matlab hai charm ka karm karne wala..skin worker...
Untouchablity is illogical but peopel r creating fake history....
acha tumhe jada pata hai
DeleteAur raja chanvar ka word chamar ke sath fake connection kynu create kar rahe hoo.
ReplyDeleteChamar ka matlab hai charm ka karm karne wala..skin worker...
Untouchablity is illogical but peopel r creating fake history....
ravinder singh sidh chano ka naam suna hai agar nahin to mahabharat kaal mein chale jana shri krishan use hara nahin paaya tha phir kuch din baad chal se haraya woh ek rajput tha balbaan tha takatbaar par uske bhai jinhe hum sharma thakur ya kuch bolte hain woh nikamme aur us se kam takatbar the unko dar tha ki yeh raja na ban jaye agar ban gaya to hum kya karenge unhone us se chal se mara haathi utwaya tha aur use apvitar maan kar nikal dia tha bhai yahi history hai jo awaz uthata hai use daba diya jaata hai
Deleteजातव समाज के बारे मे कुछ जानकारी -
ReplyDeleteजाताव समाज चमार जाती का एक भाग है जो north india मे पाया जाता है|
चमार समाज किसी एक जाती से नही बना,अलग अलग ज़ातियो के लोगो ज़िनहोने चमदे का काम करना शुरू किया ऊन्हे चमार बना कर एक जाती मे कर दिया क्युंकी मनुसमृती के अनुसार जो पीछडे हुये काम करता है उससे शुद्र कहलाया जाता है|
north india मे ज्यादातर चमार जाती के दो भाग पाये जाती है जातव ओर अहिरवार|
•माहारजा सुरज मल की सेना मे सिर्फ दो जाती के लोग भरती हो सकते थे ओर थे जाट ओर जाटव,क्युंकी यह जातिया युध विद्या मे माहीर थी|इससे पेहले भी जातवो
का इस्तेमाल युधो मे हो चुका है ज़िस्से साबित होता है जाटव क्षत्रिय थे|यही नही इनके गोत्र भी क्षत्रिय वाले है|
इससे एक बात ओर साबित होती है ज़िनहे शुद्र कहा जाता है वे असल मे क्षत्रिय है ओर भीम राओ अम्बेदकर जी ने भी प्रामानित किया था|
•जाटव जाती का anthropology test बताता है की जाटव जाती के लोग हल्के रंग के,लमबे कद ओर भारी शरीर के पाये जाते है ओर उनका DNA य़ादव ओर जाट समुदाय के लोगो मेल खाता है|हो सकता है इन्ही दोनो मे से ज़िनहोने चमदे का काम अपनाया उससे जाटव चमार बना दिया|
•आजादी की लडाई मे भी चमारो का बदा योगढान था.
•500 माहार भारी पदे थे हाजारो की संख्या वाले पेशवा राओ ब्रह्मानो पर|
ओर भी ऐसी कई बाते है जो अगर लिखने जाओ तो पन्ने कम पड़ जाये|
Mujhe toh ye samajh nahi aata ki koi chamde ka kaam karne waala achoot kaise ho skata hai kis adhaar par
Aap ki baat so fisadi sahi h ma Manta hu 💥💥💥 hm suryawanshi ha lakin in bhart ka gadaro ki wejha sa HMA acutha bna diya gya ... lakin hamara DNA ko to nhi badal seka jai bhim
DeleteEk Rajput ladki ek Musalman se
DeleteMujhe toh in chamaro ka samajh nhi aata inme kayi upjatiya hai jaise jatav,rohit,ahirwar etc jo ki kisi na kisi kshatriya vansh se hai aur hai arya hi magar pta ni phir bhi aarakshan ke liye marte hai aur dalit bane rehne mai maza aata hai aur phir bolenge ki attyachaar hota hai magar bbaiyo jab tak tum dalit ho tab tak hoga attyachaar isliye apne status ke liye lado tum achoot nhi ho
ReplyDeleteAgar tu itna hoshiyar hai toh apna naam anonymous kyon likh rakha hai apni asli pehchan toh Bata.
DeleteYe sb baate she hai pr Jb ham Jatav hai, or sanatan dharm K hai to Hindu shabd se kyu chidte hai.. Koi mane ya na mane.. Akhir hum Hindu hi to hai...
ReplyDeleteKyuki hindu dharm me jo chaturvarna k usse nafrat karte hai. Samrat ashok, gautam buddha, sant ravidas or babasaheb ambedkar sab hindu se nahi varn vyavastha se lade the. Jiska raja brahaman ban betha hai. Or dusro apne se nicha samajhta hai.
DeleteHindu koi dharm nahi hai, aor na hi kisi book mein Hindu ki paribhasha hai, swayam Mohan bhagwat ji kahte Hain ki Hindu koi cast nahi hai, sanskratik bhasa mein Hindu prachilit hai
DeleteBEST CLICK CHAMAR JAATI REAL INFO.== >>> चमार जाति का इतिहास जाटव समाज गोत्र chamar caste bollywood jatav difference population
ReplyDeleteतुलसीदास का साहित्यिक परिचय about tulsidas ke dohe biography
agr chahte ho ki hmm reservation chodh de toh jo v zameen he hindustan m sbko equal divide kro tbhi hoga kuch or hmko dalit kyu bola jata h
ReplyDeleteaaj pata chala apne aukaat kaa Jai BHIM JAI BHARAT JAI SURYAVANSHI
ReplyDeleteChamar sale chamar hi rahenge.
DeleteMare janwaro ka maans khane wale.
Sare chamar Madharchod h
Aur ye hindu bhi nhi h suryawanshi to dur ki baat h
Maa chuda tu apni madarjaat
DeleteTeri ma ki chut
DeleteHum arakshan chhodne ko taiyar hain isse hume jyada fark nahi padega prantu hum kshatriya hain isliye humari hisse ki jameen jo tumlogo ne hathiyai hui hai lauta do aur hum kshatriya hain isliye tumhe apni putri aur bahan ka vivah humare sath karne me koi aapatti nahi honi chahiye aur bhed bhav to hum waise bhi swikaar nahi karenge
ReplyDeleteहमेशा हराम का खाया है परंतु अब तो हराम का खाना छोड़ दो जमीने साले फ्री कि नहीं आती तलवार हाथों में लेकर दुश्मन के सामने खड़ा होकर दिखा पेंट गीली हो जाएगी साले एक भी किला जीत कर तो दिखा अगर जीत जाए तो मैंने जानी क्यों राजपूतों की होड़ करने पर लगा है अपने दो रोटी कमा और खा ले
Deleteaukaat m please aur kya bola ki khud ki khaao 😏😏😏kahan tha tab jab padhne ka mauka tak nhi milta tha na koi kaam.😞 Kewal tum loogo ki wajah se samjhe warna aaj ye kuch saalon se jo reservation mil gya to kya tune dilaya h ye humari loogo ki den h mehnat ki h babasaheb bheem rao Ambedkar ne mayavati ne samjha salon sharm karo phle bolne ke ki kya kya kiya h tum loogo ne. Hum loogo ke saath kewal ye kah kah kar ki tum chhoti jaati ke ho 😡 aur tumne koi darta nhi h and nhi jarurat thi hume reservation ki inshan h bhagwan ne diye sahi salamat haath pair aur koi kah rha tha naam nhi show karte tum kyu kar rhi hu show 🥱😏😏😏 aaj bhi jaati ka dindora tum loog peet te ho. Aur syd humesa to hum kyu na kahe hum chamar h baudh dharm ke baba saheb ki aur chandra gupt maurya ke vansaj hum nhi jante kuch. Khaash itihash. But khoon thoda gharam h humara. Aukaat m rahkar. Hi baat kariyega
DeleteJai Bheem Nomo Budhay
DeleteHum arakshan chhodne ko taiyar hain isse hume jyada fark nahi padega prantu hum kshatriya hain isliye humari hisse ki jameen jo tumlogo ne hathiyai hui hai lauta do aur hum kshatriya hain isliye tumhe apni putri aur bahan ka vivah humare sath karne me koi aapatti nahi honi chahiye aur bhed bhav to hum waise bhi swikaar nahi karenge
ReplyDeleteAaryo ne apni bahan betiya dekar hame hi chutiya bana diya
ReplyDeleteChamar koi rajput nahi .... apni caste ki burai koi nahi karta..... shudra se rajput gotra same I is liye miltay kyuki vo rajgharo me kam karnne orr Brahman ke sevako ne unka gotra copy kar liye orr tab se shudra. Orr achut varg ke logo ke gotra Brahman or Thakur se miltey hai
ReplyDeletemitra main brahman hun aur aapko sirf ye batana chaha raha hun k hamare hindu dharam main oonch neech chua kshoot jaisi koi cheej hi nahi thi agar aisa hota to chanakya brahman aur chandragupt maurya saath saath milkar is Bharat ko dobara unite karne k liye nahi ladte agara chua kshoot itni hi prabal thi to ek brahman chanakya ek akshoot maurya k saath uththa bethta khata peeta aur chandragupt ka rajya abhishek nahi karta aur rahi baat gotra copy karne ki to main aapko bata dena chahta hun k mughal se pehle hum sab ek hokar hi rehte the in mughals aur muslim invendor jinka kaam sirf hinduon ka dharam parivartan karna hi tha ne hame aapsa main baantna suru kiya jo hindu bane rehna chahte the unse saare chote chote gande kaam karwaye jaise chanvar vansh k logon se jabardasti mare jaanvaron se chamda kichwane aur us chamde ko maar maar kar ek saar ya seedha karne ka kaam jabardasti sonp diya wahi se ye sabd chamar utpann hui jiska sandi viched karne par cha+mar yani chamde ko maar mar kar seedha karna hota tha ek baat aur jo ye vaalmiki samaj k log isliye suar palte the kyunki muslim sena suar ko apavitra mante the aur isliye jab bhi muslim sena inhe lootne ko aati thi to ye apne gaon k chaaro taraf suaron ko baandh dete the aur kaafi doori tak suar k khoon faila dete the taaki koi bhi muslim sainik inke gaon main nahi ghus sake mere inhi bhaion ne har julam saha aur phir bhi apna mool dharam hindu dharam nahi chora isliye mere mitra mohit g apni soch badlo aur hum par hue har julam ko pado kyun hume ek nahi hone diya ja raha hai kyun hamesha sadyantra kar ke hindu dharam hindu santon ko hi badnaam kiya jata hai taaki hum apna mool bhool kar aapas main hi ladte rahe. pado likho apne itihaas ko samjho aur ek hokar is desh ki tarraki main bhagidari karo. Jai Hind Jai Bharat
DeleteRavindra ji pahle aap jan jao ki aap kaun ho agar apne ko kshtriya samjhate ho to ye jaan jao ki 21 bar prithivi kshtriya vihin ho gayi thi hindu dharam ke anushar .to aap kahan se aaye kya brahman ki aulad ho aur man lo bach bhi gaye hoge cone me chhupkar to jab mushalman tumhari maa bahno ko gulam banaye the tab musalman tumhare kaun hain
ReplyDeleteDoston aaj se 600 saal pehle chamaar jaisa koi sabd tha hi nahi hamare desh main divide and rule sabse pehle Muslim invenders lekar aaye in logon ne hum hinduon ko oonch neech jaat paat main bantna suru kiya tha ye jo bhi aaj jaatv aur vaalmiki samaaj k log hain ye vastav main yoddha hua karte the inhone saare dukh aur dard jhele par apna dharm parivartan nahi kiya inhone saare chote kaam karna apnaya par apna mool dharm nahi choda isliye main inko dil se pranaam karta hun kyun kyunki ye hi asli yoddha hain jinhone muslim hona christian hona nahi swikara har dukh aur har julam sahe par hindu bane rahe. ek baat aur ye mool nivasi aur arya bahar k hain ye saari theory galat hai kyunki hum sabhi arya hain aur is jambu dweep k waasi hain ye Bharat bohut bada tha tha jo baad main toot toot kar chota ho gaya islliye ye mool niwasi aur arya bahar k hain wali theory galat hai. Mitron chahe hamari jaati kuch bhi ho par hum sab sanatani hindu hain hum ek hain jab se hindu ek hone laga hai ye vaampanthi, videshi muslims, christians,ye politicians jinki roti sirf jaati aur dharm k naam par hi chalti hain darne lag gaye k agar hindu ek ho gaya to inko kaun poochega. Hum ek hain hum bhai hain mitra hain aur sabse badi baat hum Bharatiya hain aur har julam seh kar bhi hindu dharam ko bachaye rakhne k liye aapsabhi bhaion ko saadhuvaad. Jai hind Jai Bharat
ReplyDeleteसबसे पहले आप हिंदुस्तानी हो ये जाती पाती तोह चूतियों के लिए है ।
Deleteलेकिन आप इतिहास को मत झुटलाओ। चमार सब्द बहुत पहले का है।
मनु स्मृति पढो।
मनु स्मृति को बद्मा पड़ना ।पहले triवेध पड़ी
DeleteAgar chamar jati ka reservation khatam krna h to
ReplyDeleteJo apni cast ko ucha samjta h apna jamai bna kr kheto ki jamin dhej me de de
चमार सियार तोह ठीक है लेकिन इतिहास को तोड़ मरोड़ के मत बताओ यार।
ReplyDeleteDosto me zyada nahi janta is baare me magar jab tak hum kudko dalit samajhna band nahi karenge tab tak koi dusra kese band karega,jab tak hum hum khudko peedit samajhte rahenge tab tak peeche hi rahenge.to be a king feel yourself like a king.
ReplyDeleteभाई साहब कोई भी खुद को दलित या चमार नहीं समझना चाहता है पर क्या करें दुनियां ही दलित और चमार शब्दों का प्रयोग करती है|आप किसी से भी पुचो तो वह यही कहता है की चमार है साला चमार तो कहता ही है साथ में साला भी कहता है|चमार सुनने में जो तकलीफ होती है वो किसी चमार से ही जाकर पुछना या अपने को चमार कहलवाना चालू कर दो अपने आप ही पता चल जाएगा चमार सुनते ही किस तरह से लोग अपनी थाली अलग करने लगते हैं ये एक चमार ही जनता है जबकि आज के समय में चमार को देखकर कोई ये नहीं कह सकता है की ये चमार है लेकिन ब्राह्मण को देखकर लोग आज जरू ये कह देते हैं की कोई चमार लग रहा है क्योकि आज के समय में केवल गरीब लोग ही अशिक्षित और साफ नहीं रहते हैं क्योंकि उनके पास पैसे का आभाव है इस कारन वे इस तरह से रहने पर मजबूर हैं| हर पैसे वाला कहता है की गरीब मेहनत नहीं करना कहते हैं और कोई ये दिखा दे की कोई आमिर सर पे बोझा ढो रहा है हम जीतनी आसानी से दूसरों को गलत साबित कर देते हैं उतनी ही आसानी से हम खुद को सही साबित नहीं कर सकते हैं
DeleteSahi bole bhaiya
DeleteJo chamar se chudna chahata h to aa jana
ReplyDeleteEk Akela jatav 10 par bhari h
ReplyDeleteYe to friends aap logo ki galat phami hai .
ReplyDeleteKyonki aagar Kahi aajadi se pahle Agar hamare logo ne Kahi Hindu dharm Ko chodkar .
Agar Muslim ban Gaye hote .aur aap pandit aur Kshatriya ka dava karte ho to sayaad aap logo ka Naam matr Hi .rahta .
Hamare bhaieye pe atyachaar aap logo ne Hi Kiya hai.kishi Muslim ne nahi Kiya hai phir bhi hamare logo ne Hindu Ko nahi choda.
Unhone Bodh dharm apna liya Lekin Muslim nahi Bane .
Agar aap log ishi tarah se atyachar karte rahoge Na to aikdin Aisha ayega ki aap logo ka.naam Hi nahi rahega.aagar aaj bhi chamar Muslim ho jaye to Patan nishchit hai.
Bas me itna Hi kahna chata hua.
Vo din door nahi jis din phir Se Muslimo ka Raaj ho jayega .
Aane vaale future me aap log Kshatriya pandit manne vaale phir kahna ki me rajpoot hu.
Bas samay ka intjàar karo .
Aap log aaps me ladte rahoge aane vaale time aap bhi Muslim ke gulaam banoge .
Kyonki Muslimo me koie bhedbhav nahi hai sirf vo saare Muslim hai . Hindu Agar Kahi mara ja Raha hoga koi Hindu nahi aayega .
Lekin Agar Kahi muslmaan mara ja Raha hoga vaha par sekdo ki sankhaya me Muslim aa jayenge .
Sabhi sirf Alla toba Ko manate hai
Lekin hinduau me God bhi Bata hua hai
Ishiliye gujarish karta hua ki aap log aaps ki takraar mat karo Hindu bhaieye aaps me milkar chalo ...Jai Bheem Jay Bharat .........,
Me Devendra sing Gautam GM
Bhaiyon main aap sabse ye kehna chahta hun ki jo aap bhai log aapas main lad rahe ho ye sab chutiyapanthi hai.Na hi to koi chamar hai aur na hi koi brahman hai, hum sabh hindu hain, hum sab indians hain.Agar aap bhai aapas main hi ladte rahe to ek baar phir se koi bahari taaqat aap sako gulam banakar raaj kar sakti hai, 15-20 saal main aap sabko pata bhi chal jaega .aur aaj ke time main iske chances jyada hai. Kyonki hindus ki population ghatti jaa rahi hai day by day. Ek din aisa aega jab na hi koi rajput kehne vala bachega aur na hi brahman aur na hi shudra.Isliye sambhal jao abhi bhi vaqt hai.Tum sab bhai ho, jaat paat ke chadmavaran se bahar niklo aur apne aapko unite karo.Hum sab bhaiyoon ko unite hone ki jarurat hai.Agar abhi bhi aap hindu ekjut nhi huae to hindu bachenge hi nhi.
ReplyDeleteBrahman prashuram ko pujta hai, rajput maharana pratap ko, chamar ambedkar ko, Jat choturam ko, sikhon ka alag hisaab hai.Main ye puchta ki koi Bharat mata ko bhi pujta hai ya nhi.Vishva ki paristhitayaan badal rhi hain. Vaise bhi is duniyaa main hindu log bahut kam hain aur jo thode bahut hain vo jaativaad ka shikar hain.Jab hum india main hote hain keval tab tak hi jaativaad ka astitva rehta hai. Foreign countries main hum keval ye janna chahte hain ki vo indian hai ya nhi.Angrej Aur Muslims ne humpe raaj kiya hazaroon varshoon tak, kaaran keval ek tha hum sanghatith nhi the.Rajput,Brahman aur shudra ka blood test karva ke dekho, haemoglobin sab main ek hi payega.sarkari schools main aj bhi sc students ko general vale age nikalne nhi dete kehte hain ki sc bache age nikal gye to hamare bachoon ke sir pe baith jayengein. Main khud ek general hun, maine khud observe kiya hai. Lekin unhe ye nhi pata ki ye hamare hi bhai hain.Aj se 20 saal baad situations different hongi, tab ye koi nhi kahega ki vo sc hai vo general hai. Kyonki jab unke gale par talwaar aa jaegi dubara se jaise aj se 300 saal pehle thi tab sab kahengein ki ye hindu hai, ye hamara bhai hai, ye chamar nhi hai ye hindu hai, bhai hai hamara.To Bhaiyoon abhi bhi time hai, ek ho jao aur khud ko dubaara gulam hone se bachalo. Jai Hind.
ReplyDeleteReservation sc ko milta h ya genral walo ko kaha sc st ke liye 100 seat aati h to wahi genral walo ko 1000 ab btao reservation kise mila jo kahte ho ye reservation se taraki kiye h abhi gov sabko ek seat de na to pta chal jayega kiske pass kitna talent h
ReplyDeleteJo King Hote hai na beta unke liye reservation hoti hi hai King ki seat pe koi nahi Beth sakata
ReplyDeletejaati pratha nahi honi cheeye lakin ab hai jaise ki aaj up main jatav samaj mayawati ke sath hai isse kya hota hai jaatiwad failta hai mayawati to kisi bhi jatav ko aage badte hue nahi dekhna chahti hai
ReplyDeleteव्यक्ति को इतिहास की नहीं वर्तमान की बात करनी चाहिए। लगभग सारी जातियां अपने को क्षत्रिय साबित करने पर तुली हुई हैं। जो वास्तव में होता है उसको सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं पडती। वर्तमान में भी दलितों को निम्न जाति माना जाता है। यदि हम दलित हैं तौ अपनी जाति पर अफसोस क्यों करें। लोकतंत्र मे कोई किसी का गुलाम नहीं है सबको समान अधिकार प्राप्त हैं। ये जो दलितों से नफरत लोग करते हैं वास्तव में वे बराबरी करने की हिम्मत दलित लोग करें यह बर्दाश्त नहीं कर पाते। अब विदेशों मे लाखों दलित रहते हैं और वहां आरक्षण नहीं है लेकिन कोई जाति के आधार पर भेदभाव भी नहीं कर सकता। जितनी भी नौकरियां हमारे देश में हैं उसका मात्र 3 प्रतिशत सरकारी क्षेत्र की हैं। दलित लोग प्राइवेट सेक्टर में भी बहत नौकरी करते हैं और अपनी मेहनत और कुशलता के आधार पर पैसा लेते हैं। यह जातिगत घृणा कभी भी समाप्त नही होगी। जब तक आप सिर झुकाकर इंक हुकुम मानते रहोगे तब तक ये आपको कुछ नही कहेंगे लेकिन जब भी सर उठाकर आँख मिलाने का प्रयास करोगे तब आप पर ही नहीं आपके समाज को भी सबक सिखाने के लिये बहत कुछ किया जायेगा। यह सब इसलिये कि आप हिंदू हो और वे लोग आपको अपना सेवक ही मानते है । यदि आप इस अत्यचार से मुक्ति चाहते हो तौ सिख धर्म को अपनाने पर विचार करो। पूरे देश में दलितों की संख्या करोड़ो में है। यदि एकजुट होकर 3-4 करोड दलित सिख धर्म में आ जाये तौ दलित शब्द की परिभाषा ही बदल जायेगी। आपकी सुरक्षा के लिये पूरा सिख समाज होगा। आपके गांव कस्बे शहर में गुरुद्वारा होंगे जहाँ आप को कोई भी नही रोक सकता। हिंदुओं ने सिखों पर अत्यचार किया हो ऐसा कम ही होता है। यदि ऐसा हो गया तो धीरे धीरे देश में धार्मिक क्रान्ति आ जायेगी। सिखों में भी बहत बड़ी संख्या में दलित हैं लेकिन ऐसा भेदभाव नहीं किया जाता जैसा हिंदुओं द्वारा किया जाता है। कुछ पाने के लिए बहत कुछ खोना भी पड जाता है। यदि खोने की हिम्मत नहीं है तौ फिर जो हो रहा है उसको सहन करो।
ReplyDeleteमूलनिवासी बहुजन समाज के अछूत जातियों का किसी भी धर्म में चले जाने पर कोई सम्मान नहीं होता जिस भी धर्म में जाता है वहां पर भी उस धर्म का नीच वर्ग बन कर रह जाता है चाहे बेसिक हो ईसाईयों हो अथवा मुस्लिम धर्म हो और वर्तमान में तो स्थिति ऐसी होगी बौद्ध धर्म में भी लोग जातियां लेकर जा रहे हैं आखिर इस समस्या का कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है
Delete
ReplyDelete10- चन्द्रगुप्त मौर्य भी चमार थे लेकिन गोरे और सुन्दर थे
जब की चाणक्य ब्राह्मण था और काला इसी लिए
कहावत बन गई की -
"काला बाभन गोरा चमार
दुई जात से सदा होशियार !"
100% sahi hai chamar tha
Delete* हर चमार महापंडित है सूर्यवंशी है *****
Deleteआप सभी साथी इस पर अपनी
प्रतिक्रिया दे
हजारो वर्षो पहले एशिया महाद्वीप में एक राजवंश रहा करता
था जिसे हम इक्ष्वाकु राजवंश या सूर्यवंशी क्षत्रिय कहते थे
।
इस इक्ष्वाकु राजवंश से सब घबराते थे इसी वंश में भगवान
गौतम बुद्ध , अशोक सम्राट , चन्द्रगुप्त मौर्य जैसे महान सम्राट पैदा हुए
थे ।
लेकिन आज कल कुछ हिंदूवादी इस परिवार का हिन्दुकरण करना
चाहते हैं। जब की सच्चाई ये है की इक्ष्वाकु
राजवंश चमारो का वंश है। चमार ही सूर्यवंशी
क्षत्रिय है । और बुद्ध के वंशज हैं आइये प्रमाणित करे कैसे ।
1- बौद्ध लोग जीव हिंसा से विरत रहते थे लेकिन मांस खाते थे
अर्थात वो किसी भी जीव को काट कर
कुर्बानी दे कर या बली देकर मांस नही
खाते थे । बल्कि भारतीय बुद्धिस्ट सिर्फ मरे हुए जानवर का
माँस खाते थे जिस में की जीव होता ही
नही था । इस प्रकार जीव हत्या
नही करते थे । और पुरे भारत में ऐसा करने वाली
सिर्फ एक जाती थी वो है चमार आप बुजुर्गो से पता
कर सकते हैं ।
2- पुरे भारत में जनश्रुतियो और लोक कथाओ में चमार को ब्राह्मण बड़ा भाई
बताता है क्यों की ब्राह्मण हिन्दू धर्म का मुखिया है तो चमार
बौद्ध धर्म का मुखिया है इसीलिए चमारो की
शादी में पंडित नही बुलाया जाता ।
3- रामायण में और कुमारिल भट्ट की किताबो में बुद्ध को शुद्र
लिखा गया है और रिअल में भी चमार को ही मुख्य
शुद्र माना गया है ।अन्य जातिया कभी निशाने पर
नही रही।
4- समस्त जातियों में सिर्फ चमार जाती ही
ऐसी है जो गरीब होने के बावजूद
अपनी आन - शान पे मर मिटती है और इस
जाती में आज भी राजशी गुण झलकते
हैं ।
5-चमारो का घर गाँव के बाहर अक्सर होता है क्यों की चमार
गाँव के राजा होते थे इनको ही गाँवों में डीह बाबा
कहा जाता है।
6- चमार जाती से बौद्ध धर्म छिनने के बाद उसे धर्म
विहीन कर दिया गया था और अछूत इस लिए बना दिया गया
की यह जाती फिर कही से बौद्ध
धम्म न खड़ा कर पाए ।
7- चमार जाती की शिक्षा पर रोक इसी
लिए लगाई गई थी की वह अनपढ़ रहेगा तो खुद
को चमार अछूत समझेगा कभी यह नही जान पायेगा
की चमार एक राजशाही खून है । इस लिए चमारों
की शिक्षा पर रोक लगाई गई थी की
चमार शिक्षा पायेगा तो फिर से बौद्ध धम्म खड़ा कर देगा ।
8 - चमार खूद को इसीलिए चमार कहलाना पसंद
नही करते क्यों की चमार इन का नाम है
ही नही इनका नाम तो सूर्यवंशी
क्षत्रिय था । इसीलिए चमार आज भी खुद को चमार
कहने पर भडक जाते हैं । और लड़ाईया हो जाती है ।
9- ब्राह्मणो में जीस तरह शुक्ल शर्मा आदि समर्थक जातियाँ
हैं चमारो की भी समर्थक जातियाँ थी
जैसे की - कोरी चमार , नोनिया चमार ,
तांती चमार , दुसाध चमार , पासी चमार आदि लेकिन
चमारो की सत्ता विलुप्त होने के बाद इन सब में फुट
पड़ती गई ।
10- चन्द्रगुप्त मौर्य भी चमार थे लेकिन गोरे और सुन्दर थे
जब की चाणक्य ब्राह्मण था और काला इसी लिए
कहावत बन गई की -
"काला बाभन गोरा चमार
दुई जात से सदा होशियार !"
11- जो भी जातिया आर्य नही थी वो
चमार कहलाती थी और ऐसा आज भी
है चाहे मौर्या हो या नोनिया या दुशाध या अन्य शुद्र ब्रह्मण सब को चमार
ही कहता है।
ये सारी बाते जो ऊपर लिखी गई हैं ये वर्मा और
तिब्बत के बौद्ध ग्रंथि में इसका प्रमाण है और अधिक जानकारी
हेतु आप बाबा साहब की लिखी किताब WHO
WAS SHUDRAS (शुद्र कौन थे ?) से
पढ़ सकते हैं।
अत: हर चमार से अनुरोध है की इस मैसेज को
किसी अगले चमार बौद्ध भाई के पास जरुर भेजे ताकि उसको
भी यह पता चला की उस का खून भेड़-बकरियों का
नही है बल्कि हर चमार महापंडित है सूर्यवंशी
है ।
नमों बुद्ध। जय भारत 🙏
तेरे बाप है मौर्य सेटिंग होकि कोई उनके ही वंशज होंगे ये सब सेटिंग 🤣
Deleteक्या होता है क्षत्रिय क्षत्रिय अब सेना या पुलिस मे क्षत्रिय या राजपूत नही जा रहे हे अब सभी जाति समुदाय के लोग जा रहे हैं अब हर घर में क्षत्रिय हैं इसलिए सभी क्षत्रिय हैं
Deleteजय भीम जय भारत
Jo bolte hai reservations ki dum pe aaj chamar apne pero pe khade hue hai ...thik h tum rajputo or bhraman apni bheno ki shadi or byaah sc community se karne ko raaji ho jao .. dikhao tum logo ki unch nich kuch nahi hoti ... Tab hum reservation chod denge ... Tum is cheej ke kaabil bano ki dusro ko Nicha or girane ko na keh sako .. me ye nahi kehta ki sab rajput or brahman hai lekn kuch hai jinhone unch nich karna sikhaya .... Humari jaati me na koi unch hai na koi nich hai sab hindu hai or barabar ka hissedaar h ...
ReplyDeleteJai bheem jai bharat ....
#jisdintumlogunch nichchod doge karna or intercastemarriage apna loge tabindia me koi chuachutnahi rahegi 🙏🙏🙏
Chamar neech jati hai magar kori jati ne koi bech karm nahi kiya kori jati ko chamaro main na jode janta bhi hai kori jati ke bare main kori jhalkari bai udham singh koli raja mavar
ReplyDeleteJaise rajvanshi parivar hai kori jaati sale caregory main jane se khun nahi badalta par tu
Kitna bhi ameer hole tu neech hi rahenga sale apne main tulna kar raha hai kori jaati bhagwan mandhata ke vanshaj hai samjha
Abee neech jaati toh kori ha na ki chamar, or udham singh ramdasia chamar tha na ki kori.
DeleteAre chamaro ichaku Bhagwan Ram ke purvaj the. Our budh ka rajwansh dusra tha ve suryawansi nahi the chirkut log. Tumlogo ke kahne se history change nahi ho jayega. Vese bhi tum log Bolte ho ki dalit to Hindu hi nahi hain to Brahman ya rajpoot kese hua???
ReplyDeleteBhai to gora h Teri mammi dadi jatav ke saath set thi
DeleteKala bambhan gura chamar ka MATLAB hain ki ye dogali nasal ke hain. Our agar asli honge to brahan gora hoga our chamar Kala hoga.. kabhi chamar gora dekha hain agar dekha hain to pakka uski amma Thakur sahab se set thi
ReplyDeleteBro im raghuvanshi but isaw ek chamar ka pura parivar gora hai
DeleteEducated bhi hai sayad tu gora hai isse pata chalta hai ki teri
Amma chamar kr set hogi......jai raghuvanshi jai bharat
Lekin thakur kahlaanewale log toh Adhikter Black hote hai.. Haryana mai... Pirtivi Raaj bhi kala rang tha. Bhagwaan Ram bhi kala tha. Krishan bhi kala tha.. Vishnu bhi, aur Sanker Bhagwaan bhi...
DeleteYe India kala ka jalwa hai
DeleteToh pritvi Raj chohan chamar tha using mammi chanvarvanshi se set thi 💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯
Deleteमे सहमत नही...आपकी बातो से...विचारक 08006996687
ReplyDeleteChandrgupt Maurya realy ek chanvar chamar tha pr manuvadi brhmno ne aur manuvadi lekhako ne isseh chamar se tuti hui 150 salo ke andar bani jati kushwaha,koiri aadi k naam seh brhmno ne prasar kiya prachalit kiya jo 100% fake aur farji hai
ReplyDeleteMaha Bharat agar Ashli hai... Toh ushke Anushasan parv mai youdhbhumi mai geere Pitamah Bhishma bhi yudhishthir ke unke pyrvajon ke baare mai puchhne par kud ka purvaj chamar ko hi batata hai...
DeleteYahan unka matlab shiv se hai... Haqiqat mahi Shiv ko hi chamar kahte hai... Kaali mata.. Chamri mata aur shiv ka Nandi chamri Gai.. ( yak) kahlata hai... Aap chamar mountain ke naam se google karoge toh... Kailash ka photo aa jata hai.. Chamar ek pracheen kabeela hai... Jishme sabhi Biradari avam jaatiyaan nikli...
ये पोस्ट पूरी तरह झूट है ईन chamaro को अपना बाप बदलने का बहुत शौक है बुद्ध एक शाक्य क्षत्रिय थे जिनका चमार से कोई लेना-देना नहीं है कृपया इनकी बातों मे न आए जय सनातन जय क्षत्रीय शाक्य राजपूत
ReplyDeleteसिर्फ हँसा जा सकता है इस लेख पर..अगर महात्मा बुद्ध ,अंबेडकर इस लेख को पढ़ते तो मुझसे ज्यादा दुख उन्हे होता ..अरे मूर्ख जिस विशेषाधिकार के कारण तुम्हारा शोषण हुआ जिस जाति,धर्म,पुरातन साहित्य के कारण तुम हजारो साल तक हासिये पर रहे..उसी प्रकार की नई परम्परा नया विशेषाधिकार नई रूढि बनाकर खुद को दूसरो से श्रेष्ठ साबित करना चाहते हो अरे मूर्ख मनुष्य जन्म से एक समान है और ये सीधी सी बात तुम्हे समझ नही आई फिर दोष दोगे मनुवादियों को...वही कूड़ाकरकट तुम्हारे दिमाक मे भी है जिसकारण तुम्हारी यह दशा हुई है ।।
DeleteTere ko jayda gyan hai
DeleteYes isko puri duniya KO btana chahiye puri tarah se lagu hona chahiye specially bharat me to jrur yaha sabse jyda jati wadita he
ReplyDeleteJatav hi mourya he
ReplyDeleteAaj bhi ham log chamar kahne par samane wale se jhagad jate he
ReplyDeleteThank you doctor bhim rao ambedakar baba saheb❤❤❤❤
ReplyDeleteमौर्य/मुराव राजपूत साम्राज्य
ReplyDeleteकुशवंश : कुश के वंश को वाहक करने वाले कुशवाहक, कुशवाह, कुशवाहा कहाए।
" कुशिकानामयं वंशो महान् धर्मपरः सदा |
ब्रह्मोपमा महात्मानः कुशवंश्या नरोत्तमाः ||२०|| "
:- रामायण
कुश नामक यह वंश सदा ही महान् धर्मपरायण रहा है।
कुशवंशी महात्मा ब्रह्म के समान तेजस्वी हुए हैं ॥ २० ॥
" कुशं तदीय नाम महापुरूषं तदीय वंशानुवंश या वदन्ति धारयति इति कुशवाहा तदीय वंशोत्पन्न जना, इत्यर्थः कर्मण्य ऋण प्रत्ययः । " :- अष्टाध्यायी 3/2/1
कुश नाम महापुरुष को धारण करने वाले अथवा उनके वंशानुवंश में उत्पन्न पुरूषों को ' कुशवाहा ' कहते हैं।
महराजा शाक्य सिंह : कुशवंश की ५०वीं पीढ़ी में महराजा शाक्य सिंह जी का जन्म हुआ था।
जिनसे कुशवंश शाक्य वंश के नाम से भी जाना गया।
"रणञ्जयात्सञ्जयस्तस्माच्छाक्यश्शाक्याच्छुद्धोदनस्तस्माद्राहुलस्ततः |८| "
:- विष्णुपुराण
रणंजय संजय शाक्य शुद्दोधन सिद्धार्थ राहुल |८|
मौर्य :- कुशवंशी शाक्य के उपशाखा मौर्य हुई।
"तेन तस्स नगरस्स सामिनो साकिया च तेस पुत्त - पुत्ता सकल जम्बूद्वीपे मोरिया नाम ति पाकटा जाता । "
:- उत्तरविहारट्टकथायंथेरमहिंद
उस नगर के समीप शाक्य के पुत्र-पौत्र सकल जंबूद्वीप में मौर्य नाम से प्रसिद्ध हुए।
मौर्य का विकृत रूप मुराव कैसे हुआ?
सप्तखंडी जाति निर्णय :
" अतएव उपरोक्त आधारानुसार मौर्य शब्द बदल कर ' मौर्यवा ' हुआ और फिर वही ' मौर्यवा ' शब्द भाषा में बदलकर ' मोरयवा ' व ' मोरावा हो गया और ' मोरावा ' से आजकल का प्रचलित नाम ' मुराव ' रह गया ।
सरकारी अफसरों ने इस जाति का विवेचन करते हुये इनके भिन्न भिन्न नाम लिखे हैं।
जैसे मुराव/मुराई/मोरी/मुराऊ आदि। "
क्षत्रिय वंश निर्णय :
नामक ग्रंथ के पृष्ट १३७ में लिखा है की "मुराव (मौर्य) वंश सूर्यवंशज समुदाय के अंतर्गत है।
जिसकी एक शाखा शाक्य वंश है- महराज चंद्रगुप्त व अशोक इस ही प्रसिद्ध कुल में पैदा हुए।
पं० शिवपूजन सिंह कुशवाहा के अनुसार मुराव को कुशवंश की शाखा को दोहे के रूप में कुछ इस प्रकार वर्णित किया :
" दुई सुत जनमें सीय के , कुश लव वीर सुभाव।
कुश से कुशवाहा भए, कुइरी काछी मुराव ।। "
मुराव
वर्ण क्षत्रिय
धर्म सनातन
गोत्र कश्यप
गौतम
उपनाम कुशवाहा,
मौर्य
वर्ग ओबीसी
स्तिथि ज़मींदार
जय मां भवानी ⚔️⚔️
अपना बाप किसी और समाज में ढूंढो
Baa mara ser mja Kar diya salo
Deleteko Maja chakha diya
साक्ष्य ---------
ReplyDeleteपुराण :-----
"ततश्र नव चैतान्नन्दान कौटिल्यो ब्राह्मणस्समुद्धरिस्यति ॥२६॥
तेषामभावे मौर्याः पृथ्वीं भोक्ष्यन्ति ॥२७॥
कौटिल्य एवं चन्द्रगुप्तमुत्पन्नं राज्येऽभिक्ष्यति ॥२८॥ (विष्णु-पुराण)
तदन्तर इन नव नन्दो को कौटिल्य नामक एक ब्राह्मण मरवा देगा। उसके अन्त होने के बाद मौर्य नृप राजा पृथ्वी पर राज्य भोगेंगे। कौटिल्य ही मुरिय(मौर्य) से उत्पन्न चन्द्रगुप्त को राज्या-अभिषिक्त करेगा।
चन्द्रगुप्तं नृपं राज्ये कौटिल्यः स्थापयिष्यति |
चतुविंशत्समा राजा चन्द्रगुप्तो भविष्यति ||३३१||
भविता भद्रसारस्तु पञ्चविंशत्समा नृपः |
षड्विंशत्तु समा राजा अशोको भविता नृषु ||३३२||
तस्य पुत्रः कुनालस्तु वर्षाण्यष्टौ भविष्यति |
कुनालसूनुरष्टौ च भोक्ता वै बन्धुपालितः ||३३३||
बन्धुपालितदायादो दशमानीन्द्रपालित: |
भविता सप्त वर्षाणि देववर्मा नराधिपः ||३३४||
राजा शतधरश्वाष्टौ तस्य पुत्रौ भविष्यति |
बृहद्रथश्व वर्षाणि सप्त वै भविता नृपः ||३३५||
इत्येते नव भूपा ये भोक्ष्यन्ति च वसुन्धराम् |
सप्तत्रिंशच्छतं पूर्ण तेभ्य: शुङ्गान्गमिष्यति ||३३६||
पुष्पमित्रस्तु सेनानीरूध्दृत्य वै बृहद्रथम् |
कारयिष्यति वै राज्यं समाः षष्टि सदैव तु ||३३७|| (वायु पुराण)
कौटिल्य ही चंद्रगुप्त को राजा के रूप में राज्य में स्थापित करेगा, वह चौबीस वर्षों तक राज करेगा ||३३१||
उसके बाद भद्रसार(बिंदुसार) पच्चीस वर्ष तक राजा होगा, फिर अशोक नाम का राजा मनुष्यों में छब्बीस वर्षों तक राज करेगा ||३३२||
उसका पुत्र कुणाल आठ वर्षों तक राज करेगा, इंद्रपालित कुणाल का पुत्र बन्धुपालित आठ वर्षों तक राज्य पद पर समासीन होगा ||३३३||
बन्धुपालित का उतराधिकारी दस वर्षो के लिए राजा होगा, फिर नराधिपति देववर्मा सात वर्षों के लिए राजा होगा ||३३४||
तंदुपरांत उसका पुत्र राजा शतधर आठ वर्ष राज करेगा, पश्चात राजा बृहदश्व सात वर्ष तक राज करेगा ||३३५||
ये नव राजा पृथ्वी का भोग करेंगे, उन सबका राजत्व काल कुल मिलाकर १३७ वर्षों का होगा ||३३६||
दशवे राजा बृहद्रथ को मार सेनानी पुष्पमित्र सत्तारुड हो जायेगा, वह सात वर्षों तक राज करेगा ||३३७||
उद्धरिष्यति कौटिल्यः समैर्द्वादशभिः सुतान् |
ReplyDeleteभुक्त्वा महीं वर्षशतं ततो मौर्य्यान् गमिष्यति ||२१||
भविता शतधन्वा च तस्य पुत्रस्तु षट्समाः |
बृहद्रथस्तु वर्षाणि तस्य पुत्रश्च सप्ततिः ||२२||
षट्त्रिंशत्तु समाराजा भविता शक एव च |
सप्तानां दशवर्षाणि तस्य नप्ता भविष्यति ||२३||
राजा दशरथोऽष्टौ तु तस्य पुत्रो भविष्यति |
भविता नववर्षाणि तस्य पुत्रश्च सप्ततिः ||२४||
इत्येते दशमौर्य्यास्तु ये भोक्ष्यन्ति वसुन्धराम् |
सप्तत्रिंशच्छतं पूर्णं तेभ्यः शुङ्गन् गमिष्यति ||२५|| (२७२ अध्याय, मत्स्यपुराण)
नवनंदों के १०० वर्ष राज्य कर लेने के पर उनको नष्ट करके चाणक्य नामक ब्राह्मण मौर्य राज की स्थापना करेगा।
जिस वंश में शतधन्वा बृहद्रथ आदि आदि १० राजा १३७ वर्षों तक राज करेंगे।
जिसके अंतरत शुंग वंश का राज होगा।
एतस्मित्रेव काले तु कलिना संस्मृतो हरिः। काश्यपादुद्भवो देवो गौतमो नाम विश्रुतः।।
बौद्धधर्मं च संस्कृत्य पट्टणे प्राप्तवान्हरिः।
दशवर्ष कृतं राज्य तस्माच्छाक्यमुनिः स्मृतः।।
(भविष्य पुराण प्रतिसर्ग पर्व, प्रथम खंड, षष्ठम अध्याय, श्लोक ३६,३७)
उसी समय कलि ने प्रार्थना करके भगवान को प्रसन्न किया। प्रसन्न होकर हरि ने काश्यप द्वारा गौतम के नाम से जन्म ग्रहण किया ऐसा कहा गया है। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाकर पाटलिपुत्र जाकर दशवर्ष तक राज्य किया, पश्चात उनके शाक्य मुनि हुए।
चन्द्रगुप्तस्तस्य सुतः पौरसाधिपतेःसुताम्।
सुलूवस्य तथोद्वह्य यावनीबौद्धतत्परः।।
षष्ठिवर्ष कृतं राज्यं बिन्दुसारस्ततोऽभवत्।
पितृस्तुल्यं कृतं राज्यमशोकस्तनयोऽभवत्।।
(भविष्य पुराण प्रतिसर्ग पर्व, प्रथम खंड, षष्ठम अध्याय, श्लोक ४३,४४)
बुद्धसिंह के वंशज चन्द्रगुप्त हुए, जिसने पोरसाधिपति की पुत्री और सेलुकस की पुत्री उस यवनी के साथ पाणिग्रहण करके उस बौद्ध ने पत्नी समेत साठ वर्ष तक राज्य किया।
चन्द्रगुप्त के बिन्दुसार हुआ अपने पिता के समान काल तक राज्य किया। बिन्दुसार के अशोक हुए।
" तेषामभावेजगतींमौर्या भोक्ष्यन्तिवै कलौ ||१२||
सएवचन्द्रगुप्तंवै द्विजोराज्येऽभिषेक्ष्षति |
तत्पुत्रोवारिसारस्तु ततश्चाशोकवर्धनः ||१३||
सुयशाभवितातस्य संगतःसुयशःसुतः |
शालिशूकस्ततस्तस्य सोमशर्माभविष्यति ||१४||
शतधन्वाततस्तस्य भविताबृहद्रथः |
मौर्यादशनृपाः सप्तमिशच्छतोत्तरन् ||१५|| "
(श्रीमद्भागवतपुराण)
उसके बाद मौर्य कलयुग में पृथ्वी का पालन करेंगे ||१२||
चाणक्य द्वारा चंद्रगुप्त राजगद्दी पर बैठेगा। चंद्रगुप्त का पुत्र वारिसार(बिंदुसार), उसका पुत्र अशोकवर्ध्दन होगा ||१३||
उसका सुयश; सुयश का पुत्र संगत; उसका पुत्र शालिशुक; शालिशुक का सोमशर्मा होगा ||१४||
उसका पुत्र शतधन्वा और उसका पुत्र बृहद्रथ होगा | यह मौर्यवंशी दशराजा कलिकाल में १३७ वर्ष राज करेंगे ||१५||
नोट :- इन शब्दों में गलती हो सकती हैं।
( सएवचन्द्रगुप्तंवै, सुयशाभवितातस्य, भविताबृहद्रथः, मौर्यादशनृपाः, सप्तमिशच्छतोत्तरन् )
धर्म ग्रंथ :------
ReplyDeleteबौद्ध ग्रंथ :-
" भगवापि खतत्तियो मयमपि खत्तिया । मयमपि अरहाम भगवतो सरीरन भाग।"
(शमशान घाट)
भगवान भी क्षत्रिय, हम भी क्षत्रिय । अतः हमे भी बुद्ध की अस्थियां चाहिए।
" त्वं नापिति अहं राजा क्षत्रियो मूर्धभीषक्त कथं मया साध समागमो भविष्यति "
:- दिव्यवदान(शुद्र नाईन स्त्री से बिंदुआर का संवाद)
तुम नाईन शुद्र हो और मैं मूर्धाभिषिक्त क्षत्रिय हूँ , अतः तुम्हारे साथ हमारा समागम कैसे हो सकता है।
" पाटलीपुत्रे नगरे बिन्दुसारो नाम राजा राज्यं कारयति |
बिन्दुसारस्य राज्ञःपुत्रो जातः | "
:- दिव्यावदान
पाटलिपुत्र नगर में बिंदुसार नाम के राजा राज करते हैं। बिंदुसार की जाति राजपुत्र है।
" देवी अहं क्षत्रियः कथं पलाड्डू परिभक्षयामि "
:- दिव्यवदान (सम्राट अशोक का पत्नी से संवाद)
देवी मैं क्षत्रिय हूं प्याज कैसे खा सकता हूं!
तेन तस्स नगरस्स सामिनो साकिया च तेस पुत्त - पुत्ता सकल जम्बूद्वीपे मोरिया नाम ति पाकटा जाता । (उत्तरविहारट्टकथायंथेरमहिंद)
उस नगर के समीप शाक्य के पुत्र-पौत्र सकल जंबूद्वीप में मौर्य नाम से प्रसिद्ध हुए।
चन्दवड्ढनो राजस्स मोरिय रञ्ञो सा अहू।
राजमहेसी धम्ममोरिया पुत्तातस्सासि चन्दगुप्तो’ति॥ (उत्तरविहारट्टकथायंथेरमहिंद)
मोरिय नगर के राजा चंद्रवर्द्धन मोरिया और धर्मा मोरिया के पुत्र चंद्रगुप्त हुए।
"मोरियान खत्तियान वसजात सिरीधर।
चन्दगुत्तो ति पञ्ञात चणक्को ब्रह्मणा ततो ||१६||
नवामं घनान्दं तं घातेत्वा चणडकोधसा।
सकल जम्बुद्वीपस्मि रज्जे समिभिसिच्ञ सो ||१७|| (महावंश)
मौर्य वंश नाम के क्षत्रियों में उत्पन्न श्री चन्द्रगुप्त को चाणक्य नामक ब्राह्मण ने नवे घनानन्द को चन्द्रगुप्त के हाथों मरवाकर सम्पूर्ण जम्मू दीप का राजा अभिषिक्त किया।
जैन ग्रंथ :-----
" जमरेयनिम कलगाए अरिह तित्थमकरे महावीरे |
तम रेयनिम अवतिवै अहिसिट्टे पलगेरयस ||
सत्यि पलगे रन्न पन पन्न सयं तुहि - ई नन्दनम्।
एतिहास्यं मुरियानम् तिसम् चि अ पुस्सि मित्तस्सं ।। "
(तीर्थोद्धार प्रकिनिका)
"जं रैनिं कलगय विहतित्थंकरे महावीरे ।
तं रैनिं अवन्तिव ई अहिसित्ते पलगेरय ।।
सत्थि पलग सन्ने पनवन्न शयं तुहि ई नन्दनम् । अट्टसयं मुरियानाम् तिसं चि अ पुस मित्तस्स ॥ "
(मेरुतुंग)
ब्राह्मण धर्म ग्रंथ :-
" महाकुलीनो दैवबुद्धिः सत्त्वसंपन्नो वृद्ददर्शी धार्मिकः सत्यवागविसंवादकः कृतज्ञः स्थूललक्षो महोत्साहोदीर्घसूत्रः शक्यसामन्तो दृढबुद्धिरक्षुद्रपरिपत्को विनयकाम इत्यमिगामिका गुणाः ||३|| "
:- ३ श्लोक, स्वामी के गुण, ९६ प्रकरण, १ अध्याय, मंडलयोनि(६) अधिकरण, अर्थशास्त्र
राजा को अतिउच्चकुलोत्पन्न होना चाहिए । वह ईश्वरप्रदत्त बुद्धिमत्ता से युक्त हो । वृद्धों जैसी अनुभवपूर्ण बुद्धिवाला , धर्मात्मा , सत्यभाषी , सत्यप्रतिग्य , कृतग्य , दानी , महोत्साहि अदीर्घसूत्री , दृढ - बुद्धिसम्पन्न , महानपुरुषों से युक्त और विनयशील हो । श्रवण , ग्रहण ' धारण , विग्यान , तर्कशक्तिसम्पन्न , निरर्थक बातों को त्यागनेवाला और यथार्थ का सम्मान करनेवाला हो ।
मौर्येर्हिरण्यर्थिर्भिरर्च्या: प्रकल्पिताः
(महाभाष्य)
धन की इच्छा रखने वाले मौर्यों ने पूजा के लिए मूर्तियां बनवाकर सुवर्ण एकत्रित किया।
प्रतिज्ञा दुर्बलं च बल दर्शन व्यपदेश दर्शिताऽशेष सैन्यः सेनानीनार्यों मौर्यं बृहद्रथं पिपेश पुष्यमित्रः स्वाभिनः
:- हर्षचरित्रम्(बाणभट्ट)
अनार्य सेनानी पुष्यमित्र ने प्रदर्शन के बहाने से अपनी संपूर्ण सेना का एकत्रीकरण कर अपने प्रतिज्ञा दुर्बल सम्राट ब्रह्द्रथ की हत्या कर दी।
" पनंतरिय सठि वस सते राजमुरिय काले वेछिने च चोयठ अगसति कुतरियं । "
(हाथी गुफा, राजा खरवेल के शिलालेख, ,आर्किमोलोजिकल सर्वे , १९०५ - १९०६)
मुरिय (मौर्य) राजा चंद्रगुप्त बलवाइयों में मुखिया हो गया और अंत में धीरे धीरे भारत का महान प्रतापी राजा हुआ। (आर्किमोलोजिकल सर्वे )
।
जय मां भवानी ⚔️⚔️⚔️⚔️
आटव झांटव जाटव चमार,
मौर्यों को बाप बनाने की कोशिश ना करें खुद का बाप किसी और समाज में ढूंढो,
Phir se Maja Kar diya namber do apna
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ReplyDeleteBurai se ladey hain ladte rahenge valmiki or jatav dono hai bhai or baki joh dosti chahe woh karsakta hai.burai ka samna sirf valmiki or jatav hi karrahe hai aaj vi ye desh hum jaise log se jee raha hai
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ReplyDeleteKori koli Kshatriya jati hai chamar nahi our bta de koli Kori rahe chamar konse Raja rahe
ReplyDeleteAgar itna maha Pandit ban rahe ho to court main jao our kaho jake chamar Pandit hai achhut nahi our ha jitne tumne mahapurus likhe vo sab ke sab Kori koli Kshatriya samaj ke hai kori jaati ko badman kyo kar rahe Ho
कोरी, कोली, कोल जाति ऋगवेद के अनुसार विशुद्ध चमार हैं। उत दासं कौलितरं बृहत: पर्वतात् अधि आवहन इन्द्र शम्बरम् " ऋग्वेद-२/३/६. शम्बर नामक दास जो कोलों का मुखिया है पर्वतों से नीचे इन्द्र ने युद्ध में गिरा दिया।
Deleteभारोपीयमूल से सम्बद्ध भाषा फ्रेंच में भी यह शब्द है ।
(Chamber) तथा( Chamar )अथवा (Camera )
के रूप में वर्णित है।
Kori jaati dalit achhut sabit karke dikha do maan jayenge our ha jo apne Kori chamar likha hai na vo do jatiya hai koli Kshatriya our chamar jo alag hai
ReplyDeleteBhai na to Maine Kisi se galat bola jo sach hai bo sach hai
मैं आपकी इस बात से पूर्ण सहमत हूँ की चमार जाति बुद्ध धर्म की अनुयायी थी. चमारो का कॉमन सेंस अन्य जातियो से बहुत अच्छा होता है और भारत की आजादी के इन साथ सालो में ही अपनी विद्वता और योग्यता के बल पर चमारों ने जो तरक्की की है वो अन्य जातियों की तुलना में बहुत आगे है.
ReplyDeleteme apne sabi bhaiyo se yhi kehta hu ki har jgha likho to chanwar sen,ravidasiya,suryawanshi likho taki hum logo ko yaad rhe ki hum b chaatriye h
ReplyDeleteजाति व्यवस्था कुछ कुटिल और कायर लोगों का हथियार है। मनुष्य को अनेक जातियों में बांट कर उन कुटिल लोगों ने निर्बाध रूप से शासन किया है। एक दूसरे के प्रति घृणा फैला कर अपना उल्लू सीधा किया है। जाति व्यवस्था भारत के माथे पर एक कलंक है। बात आरक्षण की है तो सारी उपजाऊ भूमि को समान रूप से सभी में बांट दिया जाए और आरक्षण खत्म कर दिया जाए। मनुष्य सबसे ख़तरनाक प्राणी है,वह एक दूसरे को दबा और कुचल कर आगे बढ़ता रहा है और यह हमेशा होता रहेगा। समानता कभी नहीं आ सकती।यह एक कटु सत्य है
ReplyDeleteमें सहमत हूँ
ReplyDeleteचमार 👑सूर्यवंशी क्षत्रिय हैं
Yes
DeleteIn my opinion, CHAMARS have developed in each field by getting inspiration from WORLD FAMOUS SCHOLAR, DR. B. R. AMBEDKAR.
ReplyDeleteTo mano na Apne baap Ko
ReplyDeleteYe beat sahi hai ham chouhdrey hai jai jatav ji 🙏
ReplyDeleteChamar sake bPp hai AJJA BHIDLE BETA😡🤬🤬🤬🤬🤬🤬🤬👺👺👹👹👺😠😡😡🤬🤬👺👺💯💯💯💯💯💯💯🤛👊👊👊🤛🤛👊🤛🤛👊🤛🤛🤛🤛🤛🌶🌶🌶🌶🍌🍌🍌🍌🥒🥒🥒🥒🍆🍆🍆🍆🍆🍆🍆🍆
ReplyDeleteEtne bade pemane bakchodi sunane se pahle mere kaan kyu na fattte
ReplyDeletehum garv se kahenge jatav hhhhhh
ReplyDelete🔥🔥🔥🔥Jalne valo ki to ese hi jalayenge .....jai budhh jai bhim
aajao konsa aa rha h 💯👍💯 apne bap dadao se panga bhari pad jayega beta ...kabhi chmar ki burai mat karna.
Jay bhim say baat he
ReplyDeleteBhai sabse Jada jatav h 50% se Jada ki aabadi h SC caste ki ye desh hum se Bana hua h fir bhi no Respect sabse Jada hamare bot jate h modi ji ko but koi dekhta nai but aane vale time me Pata chal jayega hum kya h
ReplyDeleteजी, मैं आपकी इस सम्पूर्ण बात से सहमत हु और आपका बहुत बहुत धन्यवाद चमार जाति के बारे में जानकारी देने के लिए ।
ReplyDeleteMy name is sarvan Kumar Noida se bat Kar rhe hai sar mujhe Garv hai Ki main chhatri hun
ReplyDeleteI am Naveen rajputana my old grandfather told me that the chamar is a chanvrvanshi kashtriya but he was only old time kashtriya evevrybuddy not knows that chamar is kashtriya
ReplyDeleteGreat and that i have a swell give: Where To Remodel House home depot renovation services
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