Monday, October 17, 2016

भूत वर्तमान भविष्य

भूत वर्तमान भविष्य (भाग -1)

Manusmriti के मुताबिक मानव जाति को उनके काम के हिसाब से 4 वर्णों में बांटा गया है। ये चार वर्ण ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र हैं। मनुस्मृति में ब्राह्मण को अवध्य बताया गया है यानी कितना भी बड़ा पाप किए जाने पर उसकी हत्या नहीं की जा सकती, जबकि शूद्र के लिए छोटे अपराधों पर भी मौत की सजा देने जैसे प्रावधान हैं।
मनुस्मृति में कितना भारी षड्यन्त्र है उसकी जानकारी श्लोकों में और पढ़ लीजिए।
यो लोभात् अधमो जात्या जीवेत् उत्कृष्ट कर्मभिः। तें राजा निर्धनं कृत्वा क्षिप्रमेव विवासयेत्॥ 10/96॥
अर्थात् जो शूद्र, अछूत या शिल्पी जीविका के लोभ से अच्छे कर्मों द्वारा अपने जीवन को बिताने लगे तो राजा इन सबका धन छीन ले और तुरन्त देश से निकाल देवें।
विप्रसेवैव शूद्रस्य विशिष्टं कर्म कीर्त्यते। यदतोऽन्यत् हि कुरुते तद् भवत्यस्य निष्फलम्॥10/123॥
यदि कुछ वेतन लेने की इच्छा हो तो क्षत्रिय या वैश्य की सेवा करके जीवन बिताले।
स्वगार्थं उभयार्थं वा विप्रान् आराधयेत्तु सः।  जात ब्राह्मण शब्दस्य सा ह्यहस्य कृतकृत्यता॥10/122॥
यदि स्वर्ग जाने की इच्छा हो तब तो बिना कुछ लिए ही ब्राह्मण की सेवा करे। यदि ‘ब्राह्मण के बन गए’ तो सारा जीवन ही सफल समझो।
उच्छिष्ट मन्नं दातव्यं जीर्णानि वसनानि च। पुलाकाश्चैव धान्यानां जीर्णाश्चैव परिच्छदाः॥10/125॥
शूद्र को झूठा अन्न, फटे कपड़े और बिछौने देना चाहिए; क्योंकि शूद्र को कोई पाप नहीं होता है।
न शूद्रे पातकं किंचित् न सः संस्कारमर्हति। नास्याधिकारो धर्मेऽस्ति-न धर्मात् प्रतिषेधनम्॥10/126॥
शूद्र के लिए कोई संस्कार नहीं है और उनको धर्म में कोई अधिकार नहीं है। हाँ! स्वधर्म अर्थात् सेवा करने का सर्वाधिकार प्राप्त है।
एक जातिः द्विजातींस्तु वाचा दारुणयाक्षिपन्। जिह्वाया प्राप्नुयात् छेदं जघन्य प्रभवोहिसः॥8/270॥
यदि शूद्र द्विजों को गाली देवे तो उसकी जीभ काट ली जाए, क्योंकि वह पैदायशी नीच है।
नामजातिग्रहं त्वेषां अभिद्रोहेण कुर्वतः।  निक्षेप्यो ऽयोमयः शंकुः ज्वलन्नास्ये दशांगुलः॥8/271॥
यदि द्विजों का नाम लेकर शूद्र यह कह बैठे कि ‘ब्राह्मण’ बना है तो उसके मुख में दस अंगुल की लोहे की शलाका जलती-जलती घुसेड़ देवे।
धर्मोपदेशं दर्पेण विप्राणा मस्य कुर्वतः। तप्त मासेचयेत् तैलं वक्त्रे श्रोत्रेच पार्थिवः॥8/272॥
यदि शूद्र ब्राह्मण को कोई धर्म की बात कह दे तो उसके मुख और कान में राजा खौलता हुवा गरम तेल डलवा दे। परमात्मा बचावे! हिन्दुओं के रामराज्य और स्वराज्य से। नहीं तो ये लोग अपनी मनुस्मृति के आधार पर सब कुछ करेंगे। इन्होंने क्या नहीं किया। सबसे बढ़िया कहे जाने वाले रामराज्य में शम्बूक नामक शूद्र का सिर सिर्फ़ इसलिए स्वयं आदर्श राजा राम ने काट दिया कि वह तप करता था, मुनि बनता था। यही है पुराना मनुस्मृति विधान ।

श्रुतं देशं च जातिं च कर्म शरीर मेव च। वितथेन ब्रुबन् दर्पात् दाप्यः स्यात् द्विशतं दमम्॥8/273॥
यदि कोई अपनी जात छिपावे, तो उससे दो सौ पण जुर्माना लिया जावे।
येन केन चित् अंगेन हिंस्यात् श्रेष्ठमन्त्यजः। छेत्तव्यं तत्तदेवास्य तन्मनो रनुशासनम्॥8/279॥
अन्त्यज (शूद्र और अछूत) जिस किसी अंग से द्विजों को मारे उसका वहीं अंग काट लिया जावे।
सहासनममि प्रेप्सुः उत्कृष्टस्यावकृष्टजः।  कट्या कृताङ्को निर्वास्यः स्फिचं वास्यावकर्त्तयेत्॥8/281॥
यदि अछूत द्विज के बराबर दूरी आदि पर बैठ जावे तो उसके चूतड़ पर गरम लोहे से दाग दे अथवा थोड़े चूतड़ ही कटवा दे।
अब्राह्मणः संग्रहणे प्राणान्तं दंडमर्हति। चतुर्णामपि वर्णानां दारा रचयतमा सदा॥8/359॥
यदि शूद्र किसी की स्त्री को भगा ले तो उसको फाँसी का दंड दिया जावे; क्योंकि चारों वर्णों की स्त्रियों की रक्षा कोशिश के साथ करनी चाहिए
कन्यां भजन्तीं उत्कृष्टां न किंचिदपि दापयेत्’॥8/365॥
परन्तु ब्राह्मण यदि किसी की स्त्री को भगाले तो जुर्माना तक न करे।
उत्तमांगोद्भवात् ज्यैष्ठयात् ब्रह्मणश्चैव धारणात्। सर्वस्यैवास्य सर्गस्य धर्मतो ब्राह्मणः प्रभुः॥1/93॥
मुख से पैदा होने के कारण ब्राह्मण सबसे बड़े हैं और सृष्टि के मालिक हैं।
यस्यास्येन सदाश्नन्ति हव्यानि त्रिदिवौकसः। कव्यानि चैव पितरः किं भूतमधिकं ततः॥1/95॥
देवता लोग ब्राह्मणों के मुख द्वारा ही भोजन करते हैं इस लिए संसार में ब्राह्मण से बढ़कर कोई प्राणी नहीं है।
सर्वस्वं ब्राह्मणस्येदं यत् किंचित् जगती गतम्। श्रेष्ठयेनाभिजने नेदं सर्वं वै ब्राह्मणोर्हति॥1/100॥
संसार में जो कुछ है सब ब्राह्मण का है, क्योंकि जन्म से ही वह सबसे श्रेष्ठ है।
स्वमेव ब्राह्मणो भुंक्तो स्वं वस्ते स्वं ददाति च। आनृशंस्यात् ब्राह्मणस्य भुंजते हीतरे जनाः॥1/101॥
ब्राह्मण जो कुछ भी खाता है, पहिनता और देता है सब अपना ही है। संसार के सब लोग ब्राह्मण की कृपा से ही खाते-पीते और लेते देते हैं।
बिदुषा ब्राह्मणोनेदं अध्येतव्यं प्रयत्नतः। शिष्येभ्यश्च प्रवक्तव्यं सम्यङ् नान्येन केनचित्॥1/103॥
विद्वान् ब्राह्मण को चाहिए कि इस मनुस्मृति शास्त्र को खूब प्रयत्न से पढ़े और ब्राह्मण को ही पढ़ावे।
अधीयीरन् त्रयो वर्णाः स्वकर्मस्था द्विजातयः। प्रब्रू यादू ब्राह्मणात्वेषां नेतराविति निश्चयः॥10/1॥
द्विजाति लोग विद्या पढ़ें। परन्तु पढ़ाने का काम ब्राह्मण ही करें। शूद्र पढ़ने न पावें।
एतान् द्विजातयो देशान् संश्रयेरन् प्रयत्नतः।  शूद्रस्तु यस्मिन् फस्मिन् वा निवसेत् वृत्तिकर्शितः॥2/24॥
इन ब्रह्मर्षि, आर्यावर्त्त आदि देशों पर द्विजाति लोग कोशिश करके अपना कब्जा करलें और शूद्र तो मुसीबत का मारा किसी कोने में पड़ा रहे।
ब्राह्मणो बैल्व पालशौ क्षत्रियो बाट खादिरौ। पैप्पलो दुम्बरौ वैश्यो दण्डान् अर्हन्ति धर्मतः॥2/45॥
द्विजाति लोग दण्ड धारण करें। शूद्र के लिए कोई आज्ञा नहीं। यह संस्कार विधि में भी है।
अब्रोह्मणादध्ययनं आपत्काले विधीयते।  नाब्राह्मणो गुरौ शिष्यो वासमात्यन्तिकं वसेत्॥2/242॥
क्षत्रिय आदि पढ़ाने की योग्यता भी रखते हों तो भी इनको पढ़ाने का काम न दे। इसके अनुसार आजकल स्कूलों में जितने गुप्ता, ठाकुर मास्टर या हेडमास्टर हैं, सब के सब बायकाट के योग्य हैं।

भूत वर्तमान भविष्य (भाग -2)

 बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने बड़े जतन से अमेरिका इंग्लैंड और जर्मनी में पढ़ कर खुद के परिवार की आहुति दे कर sc st obc और अल्पसंख्यकों को संवैधानिक अधिकार दिलाये। परंतु उन्होंने अपने छोटे छोटे स्वार्थों में फसकर अपने अधिकारों को बर्बाद कर दिया ।
सविधान संसोधन के लिए एक जरूरी शर्त है, लोकसभा और राज्यसभा में 2/3 बहुमत से किसी बिल का पास होना। साम दाम दंड RSS/BJP/MODI ने गुजरात का झूठा माँडल पैश कर लोकसभा में 2/3 से अधिक बहुमत प्राप्त कर लिया है, जबकि गुजरात सामाजिक विकास में देश का सबसे पिछड़ा राज्य है। अब RSS/BJP का पूरा ध्यान राज्यसभा में 2/3 बहुमत प्राप्त करने पर लगा हुआ है।
कुछ समय पूर्व RSS/BJP मनूस्मृति स्वर्ण अक्षरों में लिखवाने के लिए एक समीति को कार्य सोंप चुके है। जो दो वर्षों में पूरी तैयार होने का लक्ष्य रख्खा है। मंशा साफ है। समझने की जरूरत है। और अबतक कुछ कार्यों पर वो प्रयोग भी कर चुके है।
कल रात मुझे सपना आया कि 2017 में उत्तर प्रदेश में rss वाली bjp सरकार बन गई है। सरकार बनते ही सबसे पहले बीजेपी ने हमारे देश को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया है RSS/BJP लोकसभा में पहले ही 2/3 से अधिक बहुमत प्राप्त कर चुके हैं । 70 साल से RSS/BJP यही सपना देख रही थी कि कैसे साम दाम दंड भेद डां अम्बेडकर के बनाए चक्रव्यूह को तोड़ा जाए, जिसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में 2/3 बहुमत प्राप्त करना जरूरी था।
लोकसभा और राज्यसभा में 2/3 बहुमत प्राप्त करते ही सबसे पहले RSS/BJP ने धर्म निरपेक्ष राष्ट्र भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का बिल संसद से पास करवा दिया है।
उसके कुछ समय पश्चात ही उन्होंने सभी अल्पसंख्यको विशेष कर मुस्लिमों के सारे अधिकार राशन कार्ड नौकरी शादी के पास करवा कर समाप्त कर दिए हैं । उससे अगले दिन पुलिस की मनूवादी सगंठनों द्वारा बनाये गये मानसिक गुलामों की मदद से मुस्लिमों पर अत्याचार शुरु कर दिए हैं। उन्हें देश छोड़कर जाने के लिए विवश कर दिया है, कितने मुस्लिम अपने बीवी बच्चों सहित मार डाले गए हैं जो बचे हैं उन्हें गुलाम बनाकर मजदूरी करने के लिए विवश कर दिया है। गोधराकांड पूरे देश में दोहराया जा रहे हैं जगह-जगह आगजनी और बलात्कार बढ़ गए हैं हिंदू राष्ट्र घोषित होने के बाद मुस्लिमों के नागरिक अधिकार समाप्त होने से उनकी सुनने वाला कोई नहीं रहा है।
कुछ समय पश्चात ही मनुस्मृति को संविधान के रूप में मान्यता दिलाने का बिल संसद में पास करवा दिया गया है। मनुस्मृति को संविधान की मान्यता मिलते ही पूरे देश भर में आरक्षण से नौकरी पाए सभी ( Sc,St,Obc & minority) लोगों को बेइज्जत कर नौकरी से बाहर निकाल दिया है। बाबासाहेब के दिलाये अधिकारों से नौकरी पाने के बाद शूद्रों (sc st obc और मलेच्छों) ने जो धन-संपत्ति इकट्ठा की थी उसे छीन लिया गया है। उन्हें उनके  मकानों से बाहर निकाल दिया है ।
उससे अगले ही दिन शूद्रों(sc,st,obc) को मनु विधान के अनुसार कार्यों का निर्धारण कर दिया गया है ।
जाटव/चमार को मरे जानवरों की खाल निकालने का काम दे दिया गया है। वो लोग उन जानवरों की खाल निकालकर और मांस काटकर अपने बीवी बच्चों और मां बाप के लिए अपने कपड़े में बांधकर ला रहे हैं।
दिवाकर/धोबी ब्राह्मण, क्षत्रियों और वैश्य व्यक्तियों के कपड़े धोने के लिए इकट्ठा कर रहे हैं, और अपने बीवी बच्चों सहित सभी मिलकर कपड़े धुलकर प्रेस करके घर घर पहुंचा रहे हैं । और बदले में उन्हें जो रूखी सूखी रोटी मिल रही है उसी से काम चला रहे हैं
प्रजापति/कुम्हार समुदाय सुबह सुबह अपने गधों को लेकर मिट्टी लेने जा रहे हैं और दिन में पानी  डाल कर मकर कुल्हड़ सुराही आदि बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
यादव/अहीर समाज के लोग अब मनुस्मृति के अनुसार पूर्व मै किये कार्यो अर्थार्त भेस और गाय चराने को सुबह ही निकल जाते है उनकी धर की महिलाये पशुओं के गोवर के उपले बनाकर और अन्य साफ सफाई करके अपना और आपने बच्चों के पेट भर रहे हैं उनके पशुओ का धी दूध सुबह शाम क्षत्रिय समुदाय के लठेत आकर मुफ्त ही ले जाते हैं।
शाक्य/काँछी मनूवादी स्वर्ण समुदाय के लिए साग सब्जी उगाने में लगे हुए हैं। और सुबह शाम ताजा सब्जी उनके घर पहुचा रहे हैं।
कठेरिया समाज और अन्य समाज के सभी लोग उनको बांटे गये अपने-अपने कामों में व्यस्त हैं इसी तरह 6743  जातियों में बटी शूद्र (sc st obc) जातियां मनुस्मृति अनुसार मिले कामों में व्यस्त हैं।
और मुख्य बात यह है कि अब कोई कृष्ण, राम, देवी आदि 33 करोड़ देवी देवताओं मे से एक भी उनकी मद्द को नहीं आ रहा है। वो दिन रात एक ही चिथड़े में गुजार देते है। उनके बीबी बच्चे फ़टी पुरानी साड़ी से बने कपड़ो में जीवन गुजार रहे है ।

यह सब उनकी उस धूर्त्ता का परिणाम है उन्हें जो आरक्षण नोकरी शिक्षा और समान नागरिक अधिकारों को दिलाने वाले बाबा साहब अम्बेडकर को भुला देने के कारण हुआ, परन्तु अब क्या हो सकता हैं। सब कुछ समाप्त हो चुका है। आज बैठ कर यह सोचने से क्या होगा, क़ि कभी अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर    (मायावती जी) ने बाबा साहब का झड़ा बुलद करने बीडा उठाया था। लेकिन शूद्र समाज (sc;st;obc) और मुस्लिमो ने अपने छोटे छोटे स्वार्थों की वजह से अन्य पार्टीयो के भिन्न भिन्न प्रकार से लालच में फसकर बाबा साहब द्वारा दिलाऐ अपने वोट रूपी हथियार को व्यर्थ ही गवां दिया।
परन्तु अब बैठकर रोने से क्या हो सकता हैं। तभी मेरे कानो में जय भीम के नारों की आवाज सुनाई देती है और मैं नींद से जाग उठता हूँ देखता हूँ कि कुछ नौजवान भीम दूत तेजी से आगे बढे चाले आ रहे हैं  मैने आँख खोली ओह मैं स्वप्न देख रहा था कितना भयानक स्वप्न था। अभी समय है चुनाव होने में, मैं लोगों को आज से ही समझाने का कार्य दिन रात शुरु करता हूं  और अपने मुस्लिम और अन्य शूद्र(SC ST OBC) भाईयो को बाबा साहब और उनके विचारों पर चल रही एक मात्र पार्टी बहुजन समाज के अस्तित्व व संविधान की रक्षक , सर्वसमाज में भाई चारा पैदा करने वाली वन मैन  वन वोट वन वैल्यू के सिसिद्धांत को वास्तविक रूप में परिणित करने वाली बहुजन समाज पार्टी को वोट देने की अपील करूंगा

         जय भीम \ जय भारत

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